AMAZING FACTS – DRINKING WATER IN INDIA

भारत में पेयजल के अद्भूत तथ्य

भारत में विश्व की 16% जनसंख्या रहती है, परन्तु भारत में फ्रेश वाटर की उपलब्धता कुल 4% ही है (विश्व में उपलब्ध जल का %)। भारत फ्रेश वाटर की समस्या से संघर्ष कर रहा है।

• भारत में करीब 16.3 करोड़ लोगों को पीने का शुद्ध जल नहीं मिल पाता है, जो कि विश्व में यह सबसे उच्चतम आंकड़ा है। जल संसाधनों की कमी का एक मुख्य् कारक जलवायु परिवर्तन भी है। यह आंकड़ा WHO द्वारा 23 मार्च 2018 तक का अपडेट है।

• भारत में 21% बिमारी अशुद्ध जल पीने के कारण पाया जा रहा है।

• First Published: Fri, Jun 02 2017 के आंकड़ा के अनुसार भारत में अशुद्ध जल पीने के कारण पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु ‘‘डायरिया’’ नामक बिमारी के कारण हो जाती है जिसका आंकड़ा 5 लाख प्रति वर्ष था।

• भारत में प्रति वर्ष महिलाओं को घरेलु उपयोग हेतु पेयजल लाने में 15 करोड़ कार्य दिवस खर्च करती हैं । इससे भारत की आय में 1 करोड़ की श्रमशक्ति की हानि होती है।

• भारत में पेय जल का सबसे अधिक उपयोग कृषि कार्य में खर्च कर दिया जाता है। अनुसंधान के माध्यम से ड्रिप एवं स्प्रिंकलर द्वारा जल का बचत किया जाता है। इसी तरह की और भी खोज की आवश्यकता है।

यह तथ्य हम लोगों की जानकारी में आना जरूरी है, ताकि हम अपने जीवन में तथा आस-पास इसकी जागरूकता फैलाने की आवश्यचकता है। इसे व्यर्थ न खर्च करें। जल ही जीवन है।

यह ब्लॉंग पढ़ने के लिए धन्यवाद। कृपया अपना कमेंटस करना ना भूलें।
🙂 अमृता अनन्या 🙂

6 Replies to “AMAZING FACTS – DRINKING WATER IN INDIA”

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